मुंडन संस्कार की थिक
मुंडन या चूड़ाकर्ण षोडश संस्कार में सँ एक अछि, जाहि में शिशुक जन्मक बाद पहिल बेर मस्तक के बाल विधिवत काटल जाइत अछि। ई संस्कार शिशुक स्वास्थ्य, दीर्घायु आ बौद्धिक विकास लेल शुभ मानल जाइत अछि। मिथिला परंपरा में मुंडन आमतौर पर बच्चाक विषम वर्ष (1, 3 अथवा 5) में, कुलदेवता के आशीर्वाद संग कएल जाइत अछि।
आगामी मुंडन मुहूर्त
मुहूर्त केना गणना कएल जाइत अछि
ShivMarg के मुहूर्त गणना जीन मीयस (Jean Meeus) के खगोलीय एल्गोरिदम आ लाहिड़ी अयनांश पर आधारित अछि, दरभंगा-मधुबनी के भौगोलिक निर्देशांक के हिसाबसँ। पूरा गणना विधि आ दैनिक पंचांग देखबाक लेल हमर मैथिली पंचांग कैलेंडर पन्ना देखू।
मुंडनक समय ध्यान रखबा जोग बात
- बच्चाक जन्म मास आ जन्म नक्षत्रक दिन मुंडन नहि करबाक परामर्श देल जाइत अछि।
- श्राद्ध पक्ष आ पंचक काल में मुंडन वर्जित मानल जाइत अछि।
- राहु काल आ यमगण्ड काल में शुभ कार्य नहि करी।
- माता-पिताक जन्म नक्षत्रसँ बच्चाक जन्म नक्षत्रक टकराव जाँच लेब उचित अछि।
- प्रायः शुक्ल पक्ष के तिथि प्राथमिकता देल जाइत अछि।
अक्सर पूछल जाए वाला सवाल
मुंडन संस्कार की अछि?
मुंडन या चूड़ाकर्ण शिशुक जन्मक बाद पहिल बेर बाल कटाबाक षोडश संस्कारक एक विधि थिक, जे सामान्यतः विषम वर्ष (1, 3, 5) में कएल जाइत अछि।
मुंडन मुहूर्त कोन उमर में शुभ मानल जाइत अछि?
परंपरा अनुसार प्रायः 1, 3 या 5म वर्ष में, परिवारक कुल परंपरा आ बच्चाक जन्म नक्षत्रक अनुसार निर्णय भिन्न भऽ सकैत अछि।
मुंडनक समय कोन बात के ध्यान राखी?
बच्चाक जन्म मास आ जन्म नक्षत्रक दिन, श्राद्ध पक्ष, पंचक आ राहु काल में मुंडन नहि करी।
2026 में मुंडनक शुभ मुहूर्त कतय देखब?
एहि पन्नाक ऊपर देल विजेट में अद्यतन मुंडन मुहूर्तक लिस्ट देखल जा सकैत अछि।
मुहूर्त लिस्ट के कैलेंडर में कोना सेव करी?
हर कार्ड पर देल कैलेंडर आइकन सँ सीधा Google Calendar में जोड़ू, या ICS फाइल डाउनलोड कऽ के इम्पोर्ट करू।