मैथिली पंचांग 2026-27 — मिथिला/मैथिली पतरा
ई पृष्ठ मिथिलाञ्चल में प्रचलित मैथिली पंचांगक दैनिक उपयोग लेल बनाओल गेल अछि। एतय तिथि, पक्ष, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय, राहुकाल तथा अन्य दैनिक पंचांग विवरण देखल जा सकैत अछि। दैनिक गणना दरभंगा क्षेत्रक स्थानीय समय (IST) के आधार पर प्रदर्शित होइत अछि।
क्षेत्रीय संदर्भ: वर्ष 2026-27 के मिथिला क्षेत्रक विश्वविद्यालय पंचांग में पर्व-त्योहार आ लग्न-मुहूर्तक तिथिक समन्वय लेल पंडित-सभा द्वारा एकरूपता पर जोर देल गेल अछि। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयक 2026-27 विश्वविद्यालय पंचांग 30 जुलाई 2026 सँ 18 जुलाई 2027 धरि व्यवहार में रहबाक सूचना प्रकाशित भेल अछि।
महत्वपूर्ण: मुहूर्त आ धार्मिक अनुष्ठानक समय स्थान, परम्परा आ पंचांग-पद्धति अनुसार बदलि सकैत अछि। विवाह, संस्कार या विशेष पूजा लेल स्थानीय पुरोहित/क्षेत्रीय पंचांग सँ अंतिम पुष्टि करू।
मैथिली पंचांग 2026-27 — मिथिला के तिथि, पर्व, व्रत और मुहूर्त
✦ पञ्चाङ्गक पाँच अङ्ग ✦
सितम्बर 2026 · दैनिक पंचांग
✦ विवाहक शुभ मुहूर्त 2026-2027
देवोत्थान एकादशी (नवम्बर) पश्चात् विवाह लेल शुभ काल प्रारम्भ भऽ जाइछ। देवशयनी (आषाढ़) सँ देवोत्थान धरि विवाह वर्जित।
✦ मुड़न (चूड़ाकर्म) मुहूर्त 2026-2027
शिशुक पहिल बार केश कटाई (मुड़न) लेल विषम वर्ष (1, 3, 5) उत्तम। हस्त, अश्विनी, रोहिणी, पुष्य नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ। भद्रा, अमावस्या टारि के करू।
✦ उपनयन (जनेऊ) संस्कारक मुहूर्त 2026
यज्ञोपवित संस्कारक लेल माघ, फाल्गुन मास सर्वोत्तम। ब्राह्मण लेल 8 वर्ष, क्षत्रिय लेल 11, वैश्य लेल 12 वर्षमे सम्पन्न करू। गुरुवार, सोमवार शुभ।
✦ गृहप्रवेशक शुभ मुहूर्त 2026-2027
नव गृह मे प्रवेश लेल रोहिणी, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र सर्वोत्तम। सिंह, वृषभ, कर्क लग्न शुभ।
✦ द्विरागमन मुहूर्त 2026-2027
विवाहक बाद वधू पहिल बार ससुरारि जाइछ से द्विरागमन। विवाह मुहूर्त के समकक्ष शुभ तिथि-नक्षत्र आवश्यक। रोहिणी, मृगशिरा, रेवती उत्तम।
✦ मैथिली बारह मास ✦
मिथिला पूर्णिमान्त पद्धति (Purnimant System) · चैत सँ शुरुआत
✦ पक्ष आ तिथि
शुक्ल पक्ष (उजरिया पाख)
षष्ठी · सप्तमी · अष्टमी · नवमी · दशमी
एकादशी · द्वादशी · त्रयोदशी · चतुर्दशी · पूर्णिमा
कृष्ण पक्ष (कारी पाख)
षष्ठी · सप्तमी · अष्टमी · नवमी · दशमी
एकादशी · द्वादशी · त्रयोदशी · चतुर्दशी · अमावस्या
✦ सताइस नक्षत्र ✦
चन्द्रमाक २७ नक्षत्र · मैथिली पञ्चाङ्ग आधारित
✦ सताइस योग
✦ एगारह करण
चर करण (७ बार आवैत):
स्थिर करण (१ बार आवैत):
मैथिली पंचांग 2026-27 क्या है? | Mithila Panchang और मैथिली पतरा
मैथिली पंचांग, मिथिला पंचांग, मैथिली पतरा और Mithila Panchang जैसे नामों से खोजे जाने वाला यह पंचांग पृष्ठ दैनिक पंचांग जानकारी को एक ही स्थान पर देखने के लिए बनाया गया है। यहाँ तिथि, पक्ष, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय, राहुकाल और दूसरे दैनिक विवरण देखे जा सकते हैं।
2026-27 के संदर्भ में यह पृष्ठ दैनिक जानकारी के साथ वर्षभर के पर्व-त्योहार, एकादशी, मैथिली मास, प्रमुख शुभ मुहूर्त और पंचांग के पाँच अंगों को भी जोड़ता है। इसलिए इसे केवल “आज का पंचांग” नहीं, बल्कि मिथिला/मैथिली पतरा 2026-27 के एक व्यापक डिजिटल संदर्भ के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
क्षेत्रीय नोट: धार्मिक तिथि, मुहूर्त या अनुष्ठान का समय स्थान और पंचांग-पद्धति के अनुसार बदल सकता है। दरभंगा/मिथिला संदर्भ इस पृष्ठ की स्थानीय गणना का आधार है; विशेष संस्कार या पूजा के लिए स्थानीय पंडित से अंतिम पुष्टि करना उचित है।
ऊपर का दैनिक पञ्चाङ्ग पैनल आज की तिथि, पक्ष, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और अन्य समय दिखाता है। “aaj ka mithila panchang”, “today mithila panchang” और “आज का मिथिला पंचांग” जैसे प्रश्नों के लिए इसी भाग को देखें।
वर्ष 2026-27 की जानकारी के साथ यह पृष्ठ 2027 तक जाने वाले मास, पर्व, एकादशी और मुहूर्त संदर्भ भी रखता है। “maithili panchang 2027” और “mithila panchang 2027” खोजने वाले उपयोगकर्ता मासिक कैलेंडर और संबंधित अनुभाग से जानकारी ले सकते हैं।
“maithili patra”, “maithili patra 2026”, “मैथिली पतरा” और “मिथिला पतरा” जैसे नाम स्थानीय उपयोग में पंचांग/कैलेंडर के लिए मिल सकते हैं। इस पृष्ठ पर पंचांग के दैनिक और वार्षिक दोनों पहलुओं को जोड़ा गया है।
मासिक कैलेंडर में तिथि, ग्रेगोरियन दिनांक, मास और उपलब्ध पर्व-सूचना देखी जा सकती है। किसी एक दिन का विस्तृत पंचांग जानने के लिए दिन के कार्ड और ऊपर के दैनिक विवरण का उपयोग करें।
मिथिला पंचांग अनुसार विवाह, मुड़न, उपनयन और गृहप्रवेश मुहूर्त
GSC में इस पृष्ठ से विवाह मुहूर्त, मुड़न/मुण्डन मुहूर्त, उपनयन मुहूर्त और गृहप्रवेश मुहूर्त से जुड़े प्रश्न भी आए हैं। मुख्य मुहूर्त पैनल में अलग-अलग श्रेणियाँ उपलब्ध हैं, इसलिए सामान्य जानकारी और विस्तृत तारीखों को एक ही पृष्ठ पर जोड़कर देखने के बजाय संबंधित श्रेणी चुनना बेहतर है।
विवाह तिथि खोज रहे हैं तो “विवाहक शुभ मुहूर्त 2026-2027” अनुभाग खोलें। तिथि के साथ आवश्यक नक्षत्र/समय विवरण उपलब्ध होने पर उसी कार्ड में दिखते हैं।
“mundan muhurat 2026 mithila panchang” तथा “mundan muhurat 2027 mithila panchang” जैसे प्रश्नों के लिए मुड़न मुहूर्त टैब उपयोग करें।
“mithila panchang upnayan muhurat 2027” और संबंधित जनेऊ प्रश्नों के लिए उपनयन मुहूर्त श्रेणी उपलब्ध है।
“mithila panchang griha pravesh muhurat 2026” तथा 2027 वाले प्रश्नों के लिए गृहप्रवेश श्रेणी देखें और स्थानीय स्थान के अनुसार अंतिम समय की पुष्टि करें।
भादवा / भदवा क्या है? | Mithila Panchang में Bhadwa की जानकारी
GSC में “bhadwa maithili panchang 2026”, “bhadwa in mithila panchang 2026”, “bhadwa in september 2026 mithila panchang” और “मिथिला पंचांग के अनुसार भादवा कब है” जैसे प्रश्न दिखाई दे रहे हैं। इस कारण भादवा/भदवा शब्द को पंचांग के संदर्भ में स्पष्ट रूप से समझाना उपयोगी है।
पंचांग में भादो और भाद्रपद मास-नाम से अलग, भद्रा/विष्टि करण जैसी संज्ञाएँ भी मिलती हैं। इसलिए “भादवा”, “भदवा” और “भद्रा” को एक ही अर्थ मानकर तारीख निकालना सही नहीं है। किसी प्रश्न में उपयोगकर्ता किस अर्थ में “bhadwa” कह रहा है, यह संदर्भ देखकर तय करना चाहिए।
इस पृष्ठ के दैनिक पंचांग और मासिक कैलेंडर में दिन-विशेष की तिथि, करण और अन्य पंचांग-अंग साथ देखे जा सकते हैं। किसी धार्मिक कार्य के लिए केवल शब्द-मिलान के आधार पर तारीख तय न करें; संबंधित दिन का पूरा पंचांग देखें।
मैथिली पंचांग PDF 2026-27, 2026 और 2027 के बारे में
इस पृष्ठ पर GSC में “maithili panchang 2026 pdf”, “maithili panchang 2026 27 pdf”, “mithila panchang 2026-27 pdf” और “maithili panchang 2027 pdf download” जैसे प्रश्न भी आए हैं। यहाँ फिलहाल मुख्य अनुभव वेब-आधारित दैनिक और मासिक पंचांग का है। जहाँ अलग PDF फ़ाइल वास्तव में उपलब्ध हो, वहाँ उसी फ़ाइल को लिंक करना चाहिए; बिना प्रकाशित PDF के डाउनलोड का दावा नहीं किया जा रहा है।
वेब पेज का लाभ यह है कि दैनिक पञ्चाङ्ग डेटा एक ही स्थान पर पढ़ा जा सकता है और कैलेंडर में महीने बदलकर अलग-अलग दिन देखे जा सकते हैं।
मिथिला पंचांग से जुड़े आम सवालों का उत्तर
मिथिला पंचांग और मैथिली पंचांग में क्या अंतर है?
दैनिक उपयोग में दोनों नाम कई बार एक ही क्षेत्रीय पंचांग संदर्भ के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। “मैथिली पंचांग”, “मिथिला पंचांग”, “मैथिली पतरा” और “Mithila Panchang” जैसे रूपों में खोजें मिलने के बावजूद उपयोगकर्ता का उद्देश्य अक्सर तिथि, पर्व, व्रत या मुहूर्त की स्थानीय जानकारी पाना होता है।
पंचांग के पाँच अंग कौन-कौन से हैं?
तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पंचांग के पाँच प्रमुख अंग हैं। इस पृष्ठ पर पाँचों को अलग कार्डों में दिखाया गया है, साथ में सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय और अन्य समय भी दिए जाते हैं।
आज कौन-सी तिथि और नक्षत्र है?
आज की तिथि और वर्तमान नक्षत्र देखने के लिए ऊपर का दैनिक पञ्चाङ्ग पैनल देखें। प्रश्न जैसे “mithila panchang ke anusar abhi kaun sa nakshatra chal raha hai” के उत्तर के लिए वर्तमान दैनिक कार्ड सबसे सीधा स्रोत है।
मिथिला पंचांग में एकादशी कहाँ देखें?
“आगामी एकादशी व्रत 2026-27” अनुभाग में एकादशी तिथियाँ सूचीबद्ध हैं। किसी व्रत के लिए पारण और स्थानीय समय जैसे सूक्ष्म विवरण हों तो संबंधित दिन का विस्तृत पंचांग और स्थानीय परंपरा से पुष्टि करें।
मिथिला के प्रमुख पर्व कहाँ मिलेंगे?
“2026-27 के प्रमुख मिथिला पर्व” अनुभाग में क्षेत्रीय संदर्भ वाली प्रमुख तिथियाँ दी गई हैं। मासिक कैलेंडर भी उसी वर्ष के दिनों के साथ पर्वों को देखने का अलग तरीका देता है।
विवाह या संस्कार का अंतिम मुहूर्त कैसे चुनें?
मुहूर्त चुनते समय केवल एक तारीख पर निर्भर न रहें। तिथि, नक्षत्र, वार, लग्न, राहुकाल और परिवार/कुल-परंपरा के साथ स्थानीय पंचांग की संगति देखना उपयोगी है। अंतिम निर्णय के लिए स्थानीय पुरोहित की पुष्टि रखें।