मैथिली पंचांग 2026-27 — मिथिला/मैथिली पतरा

ई पृष्ठ मिथिलाञ्चल में प्रचलित मैथिली पंचांगक दैनिक उपयोग लेल बनाओल गेल अछि। एतय तिथि, पक्ष, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय, राहुकाल तथा अन्य दैनिक पंचांग विवरण देखल जा सकैत अछि। दैनिक गणना दरभंगा क्षेत्रक स्थानीय समय (IST) के आधार पर प्रदर्शित होइत अछि।

क्षेत्रीय संदर्भ: वर्ष 2026-27 के मिथिला क्षेत्रक विश्वविद्यालय पंचांग में पर्व-त्योहार आ लग्न-मुहूर्तक तिथिक समन्वय लेल पंडित-सभा द्वारा एकरूपता पर जोर देल गेल अछि। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालयक 2026-27 विश्वविद्यालय पंचांग 30 जुलाई 2026 सँ 18 जुलाई 2027 धरि व्यवहार में रहबाक सूचना प्रकाशित भेल अछि।

महत्वपूर्ण: मुहूर्त आ धार्मिक अनुष्ठानक समय स्थान, परम्परा आ पंचांग-पद्धति अनुसार बदलि सकैत अछि। विवाह, संस्कार या विशेष पूजा लेल स्थानीय पुरोहित/क्षेत्रीय पंचांग सँ अंतिम पुष्टि करू।

मैथिली पंचांग 2026-27 — मिथिला के तिथि, पर्व, व्रत और मुहूर्त

🌅
सूर्योदय
5:17 प्रातः
🌇
सूर्यास्त
7:06 सायं
मास जेठ (ज्येष्ठ) कृष्ण पक्ष
संवत् विक्रम 2083 सिद्धार्थी नाम संवत्
ऋतु ग्रीष्म ऋतु वसन्त ऋतु समाप्त
चन्द्र राशि वृश्चिक Scorpio
सूर्य राशि वृषभ Taurus
अयनकाल उत्तरायण दक्षिणायन प्रारम्भ: आषाढ़ संक्रान्ति
🌙
चन्द्रोदय
रात्रि 11:42
⭐
अभिजित
11:48 – 12:40

✦ पञ्चाङ्गक पाँच अङ्ग ✦

1 तिथि कृष्ण प्रतिपदा Krishna Paksha Pratipada भोर: 01:45 धरि पूर्णिमा
2 वार रविवार Sunday · Surya Vaar स्वामी: सूर्य देव
3 नक्षत्र अनुराधा Anuradha · वृश्चिक साँझ 4:11 धरि
4 योग सिद्ध योग Siddha Yoga अत्यन्त शुभ योग
5 करण बव Bava Karana दुपहर 2:15 धरि
🚫 राहुकाल: सन्ध्या 5:24 – 7:04 बजे ∷ एहि काल मे शुभ कार्य वर्जित अछि ∷

2026-27 के प्रमुख मिथिला पर्व

क्षेत्रीय विश्वविद्यालय पंचांग 2026-27 में प्रकाशित/रिपोर्ट की गई प्रमुख तिथियाँ।

28 अगस्त 2026 — रक्षाबंधन
4 सितम्बर 2026 — श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
14 सितम्बर 2026 — चौठ चन्द्र / हरितालिका
25 सितम्बर 2026 — अनन्त पूजा
27 सितम्बर 2026 — पितृपक्ष आरम्भ
3 अक्टूबर 2026 — जितिया
11 अक्टूबर 2026 — कलश स्थापना
21 अक्टूबर 2026 — विजयादशमी
25 अक्टूबर 2026 — कोजागरा
8 नवम्बर 2026 — दीपावली
11 नवम्बर 2026 — भ्रातृ द्वितीया
15–16 नवम्बर 2026 — छठ महापर्व
20 नवम्बर 2026 — देवोत्थान एकादशी
14 दिसम्बर 2026 — विवाह पंचमी
15 जनवरी 2027 — मकर संक्रान्ति
11 फरवरी 2027 — सरस्वती पूजा / बसन्त पंचमी
6 मार्च 2027 — महाशिवरात्रि
22 मार्च 2027 — होली / फगुआ
2026-27 में अधिक मास (अधिक ज्येष्ठ) का भी विशेष प्रभाव रहा; इस कारण मास-क्रम और कुछ पर्व-तिथियों को साधारण 12-मासीय कैलेंडर की तरह नहीं मानना चाहिए।

आगामी एकादशी व्रत 2026-27

आज के बाद पड़ने वाली एकादशी व्रत तिथियाँ — मिथिला क्षेत्र के दैनिक पंचांग उपयोग के लिए।

7 सितम्बर 2026
अजा एकादशी · भाद्रपद कृष्ण पक्ष
22 सितम्बर 2026
पार्श्व / परिवर्तिनी एकादशी · भाद्रपद शुक्ल पक्ष
6 अक्टूबर 2026
इन्दिरा एकादशी · आश्विन कृष्ण पक्ष
22 अक्टूबर 2026
पापांकुशा एकादशी · आश्विन शुक्ल पक्ष
5 नवम्बर 2026
रमा एकादशी · कार्तिक कृष्ण पक्ष
20 नवम्बर 2026
देवोत्थान एकादशी · कार्तिक शुक्ल पक्ष
4 दिसम्बर 2026
उत्पन्ना एकादशी · मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष
20 दिसम्बर 2026
मोक्षदा / वैकुण्ठ एकादशी · मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष
3 जनवरी 2027
सफला एकादशी · पौष कृष्ण पक्ष
19 जनवरी 2027
पौष पुत्रदा एकादशी · पौष शुक्ल पक्ष
2 फरवरी 2027
षट्तिला एकादशी · माघ कृष्ण पक्ष
17 फरवरी 2027
जया एकादशी · माघ शुक्ल पक्ष
4 मार्च 2027
विजया एकादशी · फाल्गुन कृष्ण पक्ष
18 मार्च 2027
आमलकी एकादशी · फाल्गुन शुक्ल पक्ष
2 अप्रैल 2027
पापमोचनी एकादशी · चैत्र कृष्ण पक्ष
17 अप्रैल 2027
कामदा एकादशी · चैत्र शुक्ल पक्ष
2 मई 2027
वरूथिनी एकादशी · वैशाख कृष्ण पक्ष
16 मई 2027
मोहिनी एकादशी · वैशाख शुक्ल पक्ष
1 जून 2027
अपरा एकादशी · ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष
14 जून 2027
निर्जला एकादशी · ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष
30 जून 2027
योगिनी एकादशी · आषाढ़ कृष्ण पक्ष
14 जुलाई 2027
देवशयनी एकादशी · आषाढ़ शुक्ल पक्ष
ध्यान दें: एकादशी की तिथि और व्रत-दिन स्थानीय सूर्योदय तथा परम्परा (स्मार्त/वैष्णव) के अनुसार कुछ स्थानों पर अलग हो सकते हैं। यह सूची दैनिक व्रत-संदर्भ के लिए है; पारण का समय अलग से स्थानीय पंचांग के अनुसार देखें।

सितम्बर 2026 · दैनिक पंचांग

जनवरीJanuary
फरवरीFebruary
मार्चMarch
अप्रैलApril
मईMay
जूनJune
जुलाईJuly
अगस्तAugust
सितम्बरSeptember
अक्टूबरOctober
नवम्बरNovember
दिसम्बरDecember

✦ विवाहक शुभ मुहूर्त 2026-2027

देवोत्थान एकादशी (नवम्बर) पश्चात् विवाह लेल शुभ काल प्रारम्भ भऽ जाइछ। देवशयनी (आषाढ़) सँ देवोत्थान धरि विवाह वर्जित।

5
जून2026
शुक्रवार · ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
निर्जला एकादशी · मृगशिरा नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 12:30
शुक्र स्वामी · लग्न: मिथुन · परम शुभ
परम शुभ
17
नवम्बर2026
सोमवार · कातिक शुक्ल सप्तमी
देवोत्थान एकादशी के पश्चात् · रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: सायं 6:00 – रात्रि 10:30
चन्द्र स्वामी · लग्न: वृषभ · अत्यन्त शुभ
अत्यन्त शुभ
23
नवम्बर2026
रविवार · कातिक शुक्ल त्रयोदशी
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:30 – दुपहर 1:00
सूर्य स्वामी · लग्न: धनु · शुभ
शुभ
3
दिसम्बर2026
गुरुवार · अगहन शुक्ल तृतीया
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: सायं 5:00 – रात्रि 11:00
बृहस्पति स्वामी · लग्न: मकर
शुभ
12
फरवरी2027
शुक्रवार · माघ शुक्ल तृतीया
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
मुहूर्त: दुपहर 12:00 – सायं 5:30
शुक्र स्वामी · लग्न: कन्या · परम शुभ
परम शुभ

✦ मुड़न (चूड़ाकर्म) मुहूर्त 2026-2027

शिशुक पहिल बार केश कटाई (मुड़न) लेल विषम वर्ष (1, 3, 5) उत्तम। हस्त, अश्विनी, रोहिणी, पुष्य नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ। भद्रा, अमावस्या टारि के करू।

4
जून2026
गुरुवार · ज्येष्ठ शुक्ल दशमी
पुनर्वसु नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 6:30 – दुपहर 11:00
बृहस्पति · लग्न: मिथुन
शुभ
9
जुलाई2026
गुरुवार · आषाढ़ शुक्ल षष्ठी
हस्त नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 12:30
बृहस्पति · हस्त सर्वोत्तम नक्षत्र
उत्तम
15
अक्टूबर2026
गुरुवार · आश्विन शुक्ल एकादशी
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 1:30
बृहस्पति · रोहिणी नक्षत्र
परम शुभ
14
जनवरी2027
गुरुवार · माघ शुक्ल प्रतिपदा (मकर संक्रान्ति)
मृगशिरा नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:30 – दुपहर 12:30
संक्रान्ति दिन · विशेष शुभ
अत्युत्तम

✦ उपनयन (जनेऊ) संस्कारक मुहूर्त 2026

यज्ञोपवित संस्कारक लेल माघ, फाल्गुन मास सर्वोत्तम। ब्राह्मण लेल 8 वर्ष, क्षत्रिय लेल 11, वैश्य लेल 12 वर्षमे सम्पन्न करू। गुरुवार, सोमवार शुभ।

29
जनवरी2026
गुरुवार · माघ शुक्ल एकादशी
मृगशिरा नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 11:30
बृहस्पति · माघ मास · परम उत्तम
परम शुभ
12
फरवरी2026
गुरुवार · माघ शुक्ल पञ्चमी
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 1:00
बृहस्पति स्वामी · शुभ लग्न
अत्यन्त शुभ
12
मार्च2026
गुरुवार · फाल्गुन शुक्ल द्वादशी
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:30 – दुपहर 12:30
बृहस्पति · रोहिणी
शुभ
23
अप्रैल2026
गुरुवार · वैशाख कृष्ण एकादशी
पुष्य नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 12:00
पुष्य नक्षत्र · अत्युत्तम
उत्तम
11
जून2026
गुरुवार · ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी
हस्त नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 11:30
बृहस्पति · हस्त
शुभ

✦ गृहप्रवेशक शुभ मुहूर्त 2026-2027

नव गृह मे प्रवेश लेल रोहिणी, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र सर्वोत्तम। सिंह, वृषभ, कर्क लग्न शुभ।

20
जून2026
शनिवार · आषाढ़ शुक्ल षष्ठी
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 11:30
शुभ
9
अक्टूबर2026
शुक्रवार · आश्विन शुक्ल तृतीया
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 1:30
अत्यन्त शुभ
18
जनवरी2027
सोमवार · माघ शुक्ल पञ्चमी
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 12:30
शुभ

✦ द्विरागमन मुहूर्त 2026-2027

विवाहक बाद वधू पहिल बार ससुरारि जाइछ से द्विरागमन। विवाह मुहूर्त के समकक्ष शुभ तिथि-नक्षत्र आवश्यक। रोहिणी, मृगशिरा, रेवती उत्तम।

20
नवम्बर2026
शुक्रवार · कातिक शुक्ल दशमी
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: सायं 5:00 – रात्रि 9:30
शुभ
7
दिसम्बर2026
सोमवार · अगहन शुक्ल सप्तमी
मृगशिरा नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:30 – दुपहर 11:30
अत्यन्त शुभ
15
फरवरी2027
सोमवार · माघ शुक्ल षष्ठी
रेवती नक्षत्र
मुहूर्त: सायं 4:00 – रात्रि 8:30
शुभ

✦ मैथिली बारह मास ✦

मिथिला पूर्णिमान्त पद्धति (Purnimant System) · चैत सँ शुरुआत

०१
चैतचैत्र
मार्च – अप्रैल वर्षक प्रथम मास। रामनवमी, होली समाप्ति। वसन्त ऋतु। खेत मे गेहूँ कटाई प्रारम्भ। चैती छठ पाबनि।
०२
बैसाखवैशाख
अप्रैल – मई ग्रीष्म प्रारम्भ। वैशाखी। अक्षय तृतीया। गृहारम्भ, विवाह लेल शुभ मास। बैसाखी फसल।
०३
जेठज्येष्ठ
मई – जून ग्रीष्म ऋतु चरम। वट सावित्री व्रत। गंगा दशहरा। निर्जला एकादशी। आम पकैत अछि।
०४
आषाढ़आषाढ़
जून – जुलाई वर्षा ऋतु प्रारम्भ। देवशयनी एकादशी (विवाह बन्द)। रथयात्रा। धान बुनाई।
०५
साओनश्रावण
जुलाई – अगस्त शिव-भक्तिक पवित्र मास। मधुश्रावणी पाबनि। रक्षाबन्धन। नागपञ्चमी। भारी वर्षा।
०६
भादोभाद्रपद
अगस्त – सितम्बर कृष्ण जन्माष्टमी। चौरचन (गणेश चतुर्थी)। पितृपक्ष प्रारम्भ। भारी वर्षा काल।
०७
आश्विनआश्विन
सितम्बर – अक्टूबर शारदीय नवरात्रि। जितिया व्रत। कोजागरा (लक्ष्मी पूजा)। दशहरा। शरद ऋतु।
०८
कातिककार्तिक
अक्टूबर – नवम्बर छठ पूजा (सर्वोच्च पाबनि)। दीपावली। सामा-चकेवा। देवोत्थान। विवाह काल प्रारम्भ।
०९
अगहनमार्गशीर्ष
नवम्बर – दिसम्बर विवाह पञ्चमी (राम-सीता विवाह)। गीता जयन्ती। धान कटाई। शीतकाल प्रारम्भ।
१०
पूसपौष
दिसम्बर – जनवरी शीतकाल चरम। उत्तरायण सूर्य (मकर संक्रान्ति प्रारम्भ)। तिल-गुड़ भोजन।
11
माघमाघ
जनवरी – फरवरी तिला संक्रान्ति। माघ स्नान (प्रयाग)। उपनयन लेल सर्वोत्तम। बसन्त पञ्चमी।
12
फागुनफाल्गुन
फरवरी – मार्च वर्षक अन्तिम मास। फगुआ (होली)। महाशिवरात्रि। मैथिली फाग गीत। बसन्त उत्सव।

✦ पक्ष आ तिथि

शुक्ल पक्ष (उजरिया पाख)

प्रतिपदा · द्वितीया · तृतीया · चतुर्थी · पञ्चमी
षष्ठी · सप्तमी · अष्टमी · नवमी · दशमी
एकादशी · द्वादशी · त्रयोदशी · चतुर्दशी · पूर्णिमा

कृष्ण पक्ष (कारी पाख)

प्रतिपदा · द्वितीया · तृतीया · चतुर्थी · पञ्चमी
षष्ठी · सप्तमी · अष्टमी · नवमी · दशमी
एकादशी · द्वादशी · त्रयोदशी · चतुर्दशी · अमावस्या

✦ सताइस नक्षत्र ✦

चन्द्रमाक २७ नक्षत्र · मैथिली पञ्चाङ्ग आधारित

१
अश्विनीस्वामी: केतु
२
भरणीस्वामी: शुक्र
३
कृत्तिकास्वामी: सूर्य
४
रोहिणीस्वामी: चन्द्र
५
मृगशिरास्वामी: मङ्गल
६
आर्द्रास्वामी: राहु
७
पुनर्वसुस्वामी: बृहस्पति
८
पुष्यस्वामी: शनि
९
आश्लेषास्वामी: बुध
१०
मघास्वामी: केतु
११
पूर्वाफाल्गुनीस्वामी: शुक्र
१२
उत्तराफाल्गुनीस्वामी: सूर्य
१३
हस्तस्वामी: चन्द्र
१४
चित्रास्वामी: मङ्गल
१५
स्वातिस्वामी: राहु
१६
विशाखास्वामी: बृहस्पति
१७
अनुराधास्वामी: शनि
१८
ज्येष्ठास्वामी: बुध
१९
मूलस्वामी: केतु
२०
पूर्वाषाढ़ास्वामी: शुक्र
२१
उत्तराषाढ़ास्वामी: सूर्य
22
श्रवणस्वामी: चन्द्र
२३
धनिष्ठास्वामी: मङ्गल
२४
शतभिषास्वामी: राहु
२५
पूर्वाभाद्रस्वामी: बृहस्पति
२६
उत्तराभाद्रस्वामी: शनि
२७
रेवतीस्वामी: बुध

✦ सताइस योग

विष्कम्भ प्रीति आयुष्मान् सौभाग्य शोभन अतिगण्ड सुकर्मा धृति शूल गण्ड वृद्धि ध्रुव व्याघात हर्षण वज्र सिद्धि व्यतीपात वरीयान् परिघ शिव सिद्ध साध्य शुभ शुक्ल ब्रह्म इन्द्र वैधृति

✦ एगारह करण

चर करण (७ बार आवैत):

बव बालव कौलव तैतिल गर वणिज विष्टि (भद्रा)

स्थिर करण (१ बार आवैत):

शकुनि चतुष्पाद नाग किंस्तुघ्न

मैथिली पंचांग 2026-27 क्या है? | Mithila Panchang और मैथिली पतरा

मैथिली पंचांग, मिथिला पंचांग, मैथिली पतरा और Mithila Panchang जैसे नामों से खोजे जाने वाला यह पंचांग पृष्ठ दैनिक पंचांग जानकारी को एक ही स्थान पर देखने के लिए बनाया गया है। यहाँ तिथि, पक्ष, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय, राहुकाल और दूसरे दैनिक विवरण देखे जा सकते हैं।

2026-27 के संदर्भ में यह पृष्ठ दैनिक जानकारी के साथ वर्षभर के पर्व-त्योहार, एकादशी, मैथिली मास, प्रमुख शुभ मुहूर्त और पंचांग के पाँच अंगों को भी जोड़ता है। इसलिए इसे केवल “आज का पंचांग” नहीं, बल्कि मिथिला/मैथिली पतरा 2026-27 के एक व्यापक डिजिटल संदर्भ के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

क्षेत्रीय नोट: धार्मिक तिथि, मुहूर्त या अनुष्ठान का समय स्थान और पंचांग-पद्धति के अनुसार बदल सकता है। दरभंगा/मिथिला संदर्भ इस पृष्ठ की स्थानीय गणना का आधार है; विशेष संस्कार या पूजा के लिए स्थानीय पंडित से अंतिम पुष्टि करना उचित है।

आज का मिथिला पंचांग / Today Mithila Panchang

ऊपर का दैनिक पञ्चाङ्ग पैनल आज की तिथि, पक्ष, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और अन्य समय दिखाता है। “aaj ka mithila panchang”, “today mithila panchang” और “आज का मिथिला पंचांग” जैसे प्रश्नों के लिए इसी भाग को देखें।

मैथिली पंचांग 2026 / 2027

वर्ष 2026-27 की जानकारी के साथ यह पृष्ठ 2027 तक जाने वाले मास, पर्व, एकादशी और मुहूर्त संदर्भ भी रखता है। “maithili panchang 2027” और “mithila panchang 2027” खोजने वाले उपयोगकर्ता मासिक कैलेंडर और संबंधित अनुभाग से जानकारी ले सकते हैं।

मैथिली पतरा 2026-27

“maithili patra”, “maithili patra 2026”, “मैथिली पतरा” और “मिथिला पतरा” जैसे नाम स्थानीय उपयोग में पंचांग/कैलेंडर के लिए मिल सकते हैं। इस पृष्ठ पर पंचांग के दैनिक और वार्षिक दोनों पहलुओं को जोड़ा गया है।

मिथिला पंचांग कैलेंडर 2026

मासिक कैलेंडर में तिथि, ग्रेगोरियन दिनांक, मास और उपलब्ध पर्व-सूचना देखी जा सकती है। किसी एक दिन का विस्तृत पंचांग जानने के लिए दिन के कार्ड और ऊपर के दैनिक विवरण का उपयोग करें।

मिथिला पंचांग अनुसार विवाह, मुड़न, उपनयन और गृहप्रवेश मुहूर्त

GSC में इस पृष्ठ से विवाह मुहूर्त, मुड़न/मुण्डन मुहूर्त, उपनयन मुहूर्त और गृहप्रवेश मुहूर्त से जुड़े प्रश्न भी आए हैं। मुख्य मुहूर्त पैनल में अलग-अलग श्रेणियाँ उपलब्ध हैं, इसलिए सामान्य जानकारी और विस्तृत तारीखों को एक ही पृष्ठ पर जोड़कर देखने के बजाय संबंधित श्रेणी चुनना बेहतर है।

मिथिला विवाह मुहूर्त 2026-27

विवाह तिथि खोज रहे हैं तो “विवाहक शुभ मुहूर्त 2026-2027” अनुभाग खोलें। तिथि के साथ आवश्यक नक्षत्र/समय विवरण उपलब्ध होने पर उसी कार्ड में दिखते हैं।

मुंडन मुहूर्त 2026-27

“mundan muhurat 2026 mithila panchang” तथा “mundan muhurat 2027 mithila panchang” जैसे प्रश्नों के लिए मुड़न मुहूर्त टैब उपयोग करें।

उपनयन / जनेऊ मुहूर्त

“mithila panchang upnayan muhurat 2027” और संबंधित जनेऊ प्रश्नों के लिए उपनयन मुहूर्त श्रेणी उपलब्ध है।

गृहप्रवेश मुहूर्त 2026-27

“mithila panchang griha pravesh muhurat 2026” तथा 2027 वाले प्रश्नों के लिए गृहप्रवेश श्रेणी देखें और स्थानीय स्थान के अनुसार अंतिम समय की पुष्टि करें।

भादवा / भदवा क्या है? | Mithila Panchang में Bhadwa की जानकारी

GSC में “bhadwa maithili panchang 2026”, “bhadwa in mithila panchang 2026”, “bhadwa in september 2026 mithila panchang” और “मिथिला पंचांग के अनुसार भादवा कब है” जैसे प्रश्न दिखाई दे रहे हैं। इस कारण भादवा/भदवा शब्द को पंचांग के संदर्भ में स्पष्ट रूप से समझाना उपयोगी है।

पंचांग में भादो और भाद्रपद मास-नाम से अलग, भद्रा/विष्टि करण जैसी संज्ञाएँ भी मिलती हैं। इसलिए “भादवा”, “भदवा” और “भद्रा” को एक ही अर्थ मानकर तारीख निकालना सही नहीं है। किसी प्रश्न में उपयोगकर्ता किस अर्थ में “bhadwa” कह रहा है, यह संदर्भ देखकर तय करना चाहिए।

इस पृष्ठ के दैनिक पंचांग और मासिक कैलेंडर में दिन-विशेष की तिथि, करण और अन्य पंचांग-अंग साथ देखे जा सकते हैं। किसी धार्मिक कार्य के लिए केवल शब्द-मिलान के आधार पर तारीख तय न करें; संबंधित दिन का पूरा पंचांग देखें।

मैथिली पंचांग PDF 2026-27, 2026 और 2027 के बारे में

इस पृष्ठ पर GSC में “maithili panchang 2026 pdf”, “maithili panchang 2026 27 pdf”, “mithila panchang 2026-27 pdf” और “maithili panchang 2027 pdf download” जैसे प्रश्न भी आए हैं। यहाँ फिलहाल मुख्य अनुभव वेब-आधारित दैनिक और मासिक पंचांग का है। जहाँ अलग PDF फ़ाइल वास्तव में उपलब्ध हो, वहाँ उसी फ़ाइल को लिंक करना चाहिए; बिना प्रकाशित PDF के डाउनलोड का दावा नहीं किया जा रहा है।

वेब पेज का लाभ यह है कि दैनिक पञ्चाङ्ग डेटा एक ही स्थान पर पढ़ा जा सकता है और कैलेंडर में महीने बदलकर अलग-अलग दिन देखे जा सकते हैं।

मिथिला पंचांग से जुड़े आम सवालों का उत्तर

मिथिला पंचांग और मैथिली पंचांग में क्या अंतर है?

दैनिक उपयोग में दोनों नाम कई बार एक ही क्षेत्रीय पंचांग संदर्भ के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। “मैथिली पंचांग”, “मिथिला पंचांग”, “मैथिली पतरा” और “Mithila Panchang” जैसे रूपों में खोजें मिलने के बावजूद उपयोगकर्ता का उद्देश्य अक्सर तिथि, पर्व, व्रत या मुहूर्त की स्थानीय जानकारी पाना होता है।

पंचांग के पाँच अंग कौन-कौन से हैं?

तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पंचांग के पाँच प्रमुख अंग हैं। इस पृष्ठ पर पाँचों को अलग कार्डों में दिखाया गया है, साथ में सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय और अन्य समय भी दिए जाते हैं।

आज कौन-सी तिथि और नक्षत्र है?

आज की तिथि और वर्तमान नक्षत्र देखने के लिए ऊपर का दैनिक पञ्चाङ्ग पैनल देखें। प्रश्न जैसे “mithila panchang ke anusar abhi kaun sa nakshatra chal raha hai” के उत्तर के लिए वर्तमान दैनिक कार्ड सबसे सीधा स्रोत है।

मिथिला पंचांग में एकादशी कहाँ देखें?

“आगामी एकादशी व्रत 2026-27” अनुभाग में एकादशी तिथियाँ सूचीबद्ध हैं। किसी व्रत के लिए पारण और स्थानीय समय जैसे सूक्ष्म विवरण हों तो संबंधित दिन का विस्तृत पंचांग और स्थानीय परंपरा से पुष्टि करें।

मिथिला के प्रमुख पर्व कहाँ मिलेंगे?

“2026-27 के प्रमुख मिथिला पर्व” अनुभाग में क्षेत्रीय संदर्भ वाली प्रमुख तिथियाँ दी गई हैं। मासिक कैलेंडर भी उसी वर्ष के दिनों के साथ पर्वों को देखने का अलग तरीका देता है।

विवाह या संस्कार का अंतिम मुहूर्त कैसे चुनें?

मुहूर्त चुनते समय केवल एक तारीख पर निर्भर न रहें। तिथि, नक्षत्र, वार, लग्न, राहुकाल और परिवार/कुल-परंपरा के साथ स्थानीय पंचांग की संगति देखना उपयोगी है। अंतिम निर्णय के लिए स्थानीय पुरोहित की पुष्टि रखें।